Breaking News

जहां 1 लाख की कमाई भारत में लौटते ही 5 लाख जैसी — जानें कौन सा मुस्लिम देश है यह और कितनी दूर

 

मालदीव भारतीय यात्रियों के बीच एक लोकप्रिय और लग्जरी ट्रैवल डेस्टिनेशन है. हर साल हजारों भारतीय यहां छुट्टियां बिताने, हनीमून मनाने और समुद्र के किनारे आराम करने पहुंचते हैं, लेकिन बहुत से लोगों के मन में एक सवाल रहता है कि भारत के रुपए की कीमत मालदीव में कितनी होती है? आइए जानते हैं भारत और मालदीव की करेंसी वैल्यू का पूरा अंतर.

मालदीव की आधिकारिक मुद्रा का नाम मालदीवियन रूफिया (Maldivian Rufiyaa) है, जिसका शॉर्ट फॉर्म MVR होता है. यह नाम संस्कृत के शब्द रूप्य से लिया गया है, जिसका मतलब होता है चांदी. मालदीवियन रूफिया को मालदीव मोनेटरी अथॉरिटी (Maldives Monetary Authority – MMA) नियंत्रित करती है, जो देश का सेंट्रल बैंक है और मुद्रा आपूर्ति, विनिमय दर और वित्तीय स्थिरता की देखरेख करती है.

भारत के रुपए की कीमत मालदीव में कितनी है?
वाइस डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक 1 मालदीवियन रूफिया की कीमत भारत की करेंसी के मुकाबले 5 रुपये 77 पैसा है. इस  हिसाब से अगर कोई इंडियन मालदीव जाकर 1 लाख कमाता है तो भारत में आकर ये 5 लाख 77 हजार 71 रुपये हो जाएगा. वहीं भारत का 1 रुपया मालदीव में महज 17 पैसों के बराबर है. इस हिसाब से अगर कोई भारतीय 1 लाख रुपये लेकर मालदीव घूमने जाता है तो वहां जाकर उसकी वैल्यू महज 17 हजार 329 मालदीवियन रूफिया  के बराबर रह जाएगी.

मालदीव की करेंसी की खासियत और डिजाइन
मालदीव की करेंसी केवल आर्थिक महत्व ही नहीं रखती, बल्कि यह कला और संस्कृति का भी प्रतीक है. यहां के नोट और सिक्के समुद्री जीवन, पारंपरिक मछली पकड़ने और मालदीव की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाते हैं, क्योंकि मालदीव हिंद महासागर के बीचों बीच स्थित एक द्वीप देश है, इसलिए इसकी करेंसी में समुद्र से जुड़ी थीम जैसे मछलियां, तरह-तरह के इमेज, जलक्रीड़ा और नौकायन की झलक देखने को मिलती हैं.

 

About RCSDESk-News

Check Also

क्या खत्म होने वाला है रूस-यूक्रेन युद्ध? पुतिन, ट्रंप और जेलेंस्की के बीच बातचीत की तैयारी

रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से जारी युद्ध को समाप्त करने की दिशा …

यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिकी नीति पर रुबियो का स्पष्टीकरण, ट्रंप की नाराजगी के पीछे की वजह बताई

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिकी नीति में बदलाव …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *