Breaking News

6.1 तीव्रता के भूकंप से लोगों में अफरातफरी, घरों से निकलकर सड़क पर उमड़े लोग

 

फिलीपींस में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए हैं. शुक्रवार (17 अक्टूबर 2025) को मिंडानाओ क्षेत्र में 6.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया, जिसकी पुष्टि जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) ने की है. फिलीपींस के मिंडानाओ क्षेत्र में 1 हफ्ता पहले भीषण 7.5 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसने पूरे इलाके को हिला दिया था. अब 6.1 तीव्रता का यह झटका उसी क्षेत्र में दर्ज किया गया है, जिससे स्थानीय लोग दहशत में हैं. यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंप केंद्र (EMSC) के अनुसार, यह भूकंप 62 किलोमीटर की गहराई में आया था.

फिलीपींस के मिंडानाओ क्षेत्र में महसूस किए गए भूकंप के झटके से कई स्कूल भवन और एक अस्पताल क्षतिग्रस्त हो गए हैं. कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और लोग खुले मैदानों में रात गुजारने को मजबूर हुए. अधिकारियों ने राहत कार्य शुरू कर दिया है और प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमें भेजी जा रही हैं.

सुनामी की चेतावनी, फिर हटाई गई

भूकंप के तुरंत बाद मिंडानाओ में सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी, क्योंकि झटके काफी शक्तिशाली थे. खतरनाक लहरों की आशंका जताई गई और तटीय इलाकों को खाली कराया गया. हालांकि कुछ घंटे बाद, जब स्थिति नियंत्रण में आई तो चेतावनी को हटा लिया गया.

दावाओ शहर में मची अफरा-तफरी

दावाओ सिटी, जहां लगभग 54 लाख की आबादी रहती है. वे भूकंप के केंद्र के सबसे पास था. यहां स्कूलों और सरकारी दफ्तरों को खाली कराया गया और लोगों को ऊंचे स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए. स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि अभी आफ्टरशॉक्स की संभावना बनी हुई है.

फिलीपींस का भूकंपीय इतिहास

फिलीपींस प्रशांत महासागर की रिंग ऑफ फायर में स्थित है, जो दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप-सवेंदनशील क्षेत्रों में से एक है. यहां हर साल दर्जनों छोटे-बड़े झटके महसूस किए जाते हैं, जिनमें कई बार सुनामी का खतरा भी बना रहता है.

About RCSDESk-News

Check Also

क्या खत्म होने वाला है रूस-यूक्रेन युद्ध? पुतिन, ट्रंप और जेलेंस्की के बीच बातचीत की तैयारी

रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से जारी युद्ध को समाप्त करने की दिशा …

यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिकी नीति पर रुबियो का स्पष्टीकरण, ट्रंप की नाराजगी के पीछे की वजह बताई

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिकी नीति में बदलाव …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *