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युद्ध बंद करने की पेशकश में पुतिन ने कहा – यूक्रेन की जमीन छोड़ने को तैयार, लेकिन शर्तें रहेंगी

 

डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन के बीच हुए अलास्का शिखर सम्मेलन के बाद रूस ने युद्ध समाप्त करने को लेकर प्रस्ताव की रूपरेखा तय की है. शांति प्रस्ताव के तहत पुतिन चाहते हैं कि जेलेंस्की यूक्रेन के पूर्वी हिस्से वाली जमीन को छोड़ दें, जिसके बदले में रूस ने यूक्रेन पर जिन छोटे-छोटे जगहों को कब्जा किया है उसे छोड़ देगा.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक सूत्र ने दावा किया कि पुतिन के प्रस्ताव पर सोमवार (18 अगस्त 2025) को ट्रंप, जेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं के बीच चर्चा होगी. हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह पुतिन का आखिरी प्रस्ताव है या फिर इसमें फेरबदल हो सकती है. पुतिन की कुछ मांगें ऐसी हैं, जो यूक्रेन के नेतृत्व के लिए स्वीकार करने में बड़ी चुनौतियां पेश करेंगी.

रूस को देना होगा डोनबास का ये इलाका

पुतिन के प्रस्ताव से एक बात साफ है कि फिलहाल कोई सीजफायर नहीं हो रहा है यानी कि रूस यूक्रेन पर हमला करता रहेगा. ये जेलेंस्की के लिए चिंता की बात है क्योंकि रूस रोज ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक प्रस्तावित रूसी समझौते के तहत यूक्रेन को डोनेट्स्क और लुगांस्क का क्षेत्र मॉस्को को देना होगा, जिसके बदलने में रूस खेरसॉन और जापोरीज्जिया के दक्षिणी क्षेत्रों में हमला करना रोक देगा.

रूस छोड़ देगा यूक्रेन की जमीन

जेलेंस्की ने पहले ही डोनेट्स्क समेत कोई भी जमीन रूस को देने से इनकार कर दिया है. यूक्रेन का कहना है कि ये क्षेत्र कीव को रूसी हमलों का जवाब देने के लिहाज से काफी अहम है. रिपोर्ट के मुताबिक रूस, उत्तरी सुमी और उत्तर-पूर्वी खार्किव क्षेत्रा का जमीन यूक्रेन को वापस करने के लिए तैयार है, जिस पर फिलहाल पुतिन की सेना ने कब्जा कर रखा है.

यूक्रेन के डीप स्टेट बैटलफील्ड मैपिंग प्रोजेक्ट के अनुसार, रूस के पास सूमी और खार्किव क्षेत्रों का लगभग 440 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र है. यूक्रेन डोनबास के लगभग 6600 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर नियंत्रण रखता है , जिसमें डोनेट्स्क और लुगांस्क क्षेत्र शामिल हैं और जिस पर रूस अपना दावा करता है.

यूक्रेन को नाटो में शामिल नहीं होने दिया जाएगा

रिपोर्ट में सूत्रों ने दावा किया कि यूक्रेन को नाटो सैन्य गठबंधन में शामिल होने से भी रोक दिया जाएगा. हालांकि पुतिन यूक्रेन को किसी प्रकार की भी सुरक्षा गारंटी दिए जाने के लिए तैयार हैं. बताया जा रहा है कि रूस यूक्रेन के कुछ हिस्सों में या पूरे यूक्रेन में रूसी भाषा के लिए आधिकारिक दर्जा की मांग करेगा. साथ ही रूसी ऑर्थोडॉक्स चर्च को स्वतंत्र रूप से काम करने का अधिकार भी मांगेगा.

यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसी ने मास्को से जुड़े इस चर्च पर रूस के समर्थन में दुष्प्रचार करके और जासूसों को पनाह देकर यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है. हालांकि चर्च ने इस आरोप का खंडन करते हुए कहा है कि उसने मास्को के साथ अपने कानूनी संबंध समाप्त कर लिए हैं.

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