अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हालिया मुलाकात में ईरान का मुद्दा भी चर्चा के प्रमुख विषयों में रहा। अमेरिकी राजदूत डेविड परड्यू के मुताबिक, ट्रंप ने शी जिनपिंग से साफ कहा कि चीन की ओर से ईरान को किसी भी तरह की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष मदद अमेरिका के लिए स्वीकार्य नहीं होगी।
शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, तकनीक, सुरक्षा और अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत की। यात्रा के दौरान दोनों पक्षों ने अमेरिका-चीन संबंधों में स्थिरता और सहयोग बनाए रखने पर भी जोर दिया।
ईरान की मदद को लेकर क्या बोले ट्रंप?
अमेरिका के चीन में राजदूत डेविड परड्यू ने बताया कि ट्रंप ने शी के सामने ईरान से जुड़े मुद्दे को स्पष्ट रूप से उठाया। उनके अनुसार, वॉशिंगटन ने बीजिंग को पहले भी बताया था कि ईरान को खुफिया जानकारी, सैन्य उपकरण, कल-पुर्जे या किसी अन्य माध्यम से सहायता देना स्वीकार्य नहीं है।
परड्यू ने यह भी कहा कि अमेरिका को चीन की ओर से ईरान को अप्रत्यक्ष सहायता दिए जाने की आशंका है, लेकिन कुछ मामलों में सीधे सबूत उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी चेतावनियों के बाद चीन ने कुछ गतिविधियों में बदलाव भी किया है।
चीन ने ईरान को लेकर क्या रुख अपनाया?
अमेरिकी पक्ष के मुताबिक, बातचीत में चीन की ओर से ईरान को सहायता नहीं देने को लेकर आश्वासन मिला। रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी राजदूत ने कहा कि ट्रंप को चीन से इस संबंध में आश्वासन मिला है कि वह ईरान की मदद नहीं करेगा।
हालांकि, ईरान के साथ चीन के आर्थिक संबंध भी महत्वपूर्ण हैं। चीन ईरानी तेल का एक बड़ा खरीदार है, इसलिए दोनों देशों के बीच ऊर्जा और व्यापार संबंधों का मुद्दा भी इस पूरे घटनाक्रम में अहम बना हुआ है।
ईरान पर हमले से जुड़ी सैटेलाइट तस्वीरों का दावा
इससे पहले अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि चीनी संस्थाओं ने ईरान को जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने से जुड़ी सैटेलाइट तस्वीरें उपलब्ध कराई थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, इसके बाद ईरान की ओर से हमला किया गया, जिसमें तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई और अन्य घायल हुए।
हालांकि, इस मामले में चीन की ओर से कथित सहायता को लेकर सार्वजनिक रूप से सामने आई जानकारी और अमेरिकी दावों के बीच अंतर बना हुआ है। अमेरिकी राजदूत ने भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष सहायता के बीच अंतर करते हुए कहा कि कुछ मामलों में सीधे सबूत उपलब्ध नहीं हैं।
शी जिनपिंग और ट्रंप ने रिश्तों पर दिया जोर
शी जिनपिंग की यात्रा के दौरान दोनों नेताओं ने अमेरिका और चीन के बीच संबंधों को लेकर सकारात्मक संकेत दिए। शी ने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत से कई मुद्दों पर साझा समझ बनी है और इससे द्विपक्षीय संबंधों के लिए रणनीतिक दिशा मजबूत हुई है। वहीं ट्रंप ने भी मुलाकात को सकारात्मक बताते हुए दोनों देशों के बीच सहयोग की जरूरत पर जोर दिया।
दोनों देशों के बीच व्यापार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, तकनीक और सुरक्षा जैसे मुद्दे भी बातचीत के एजेंडे में रहे। शी ने अमेरिका और चीन के बीच प्रतिस्पर्धा के साथ सहयोग की जरूरत की बात कही और दोनों देशों के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व पर जोर दिया।
नेशनल आर्काइव्स पहुंचे शी और ट्रंप परिवार
शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन ने अमेरिका यात्रा के अंतिम चरण में ट्रंप परिवार के साथ नेशनल आर्काइव्स का भी दौरा किया। वहां उन्हें अमेरिकी इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज दिखाए गए, जिनमें स्वतंत्रता की घोषणा और अमेरिकी संविधान शामिल थे।
इस यात्रा के दौरान दोनों नेताओं के बीच कई दौर की बातचीत और कार्यक्रम हुए। हालांकि, ईरान के मुद्दे पर सामने आई जानकारी मुख्य रूप से अमेरिकी अधिकारियों के बयानों और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है।
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