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गिनी की राजधानी में दर्दनाक हादसा, कचरे का पहाड़ गिरने से 22 लोगों की मौत; रेस्क्यू जारी

कोनाक्री: गिनी की राजधानी कोनाक्री में रविवार तड़के हुए एक बड़े भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी। शहर के दार एस सलाम इलाके में स्थित एक बड़े कचरा डंपिंग स्थल का हिस्सा अचानक धंस गया, जिसकी चपेट में आसपास बने कई अस्थायी घर आ गए। हादसे में कम से कम 22 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है।

घटना के बाद राहत और बचाव दल लगातार मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों को आशंका है कि मलबे के नीचे अभी और लोग दबे हो सकते हैं।

तेज बारिश के बाद धंसा कचरे का पहाड़

बताया जा रहा है कि हादसा रविवार सुबह करीब 3 बजे हुआ। उस समय कोनाक्री में तेज बारिश हो रही थी। बारिश के कारण लैंडफिल में जमा कचरे का विशाल ढेर अस्थिर हो गया और उसका एक बड़ा हिस्सा नीचे की ओर खिसक गया।

कचरे और मिट्टी के साथ मलबा आसपास के इलाके में फैल गया। लैंडफिल के पास बनी झोपड़ियां और दूसरे अस्थायी ठिकाने इसकी चपेट में आ गए। अचानक हुई इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

मलबे में अभी भी लोगों की तलाश

हादसे की सूचना मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुंच गए। राहतकर्मी मलबे को हटाकर संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। बचाव अभियान के दौरान स्थानीय लोग भी राहत टीमों की मदद कर रहे हैं।

हादसे से पहले बंद होना था लैंडफिल

इस घटना से जुड़ी एक अहम जानकारी भी सामने आई है। सैनिटेशन अधिकारियों के मुताबिक, दार एस सलाम का यह लैंडफिल रविवार को ही बंद किया जाना प्रस्तावित था।

इलाके में रहने वाले लोगों को पहले ही वहां से हटने के लिए नोटिस जारी किए गए थे। इसके बाद कई परिवार अपने ठिकाने छोड़कर दूसरी जगह चले भी गए थे। हालांकि, हादसे के वक्त भी बड़ी संख्या में लोग लैंडफिल के आसपास रह रहे थे।

बाकी परिवारों को सुरक्षित जगह ले जाने की तैयारी

हादसे के बाद प्रशासन ने लैंडफिल के आसपास रहने वाले बाकी परिवारों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की बात कही है।

गिनी के क्षेत्रीय प्रशासन एवं विकेंद्रीकरण मंत्रालय की मंत्री डिएनाबू टुरे ने घटनास्थल का दौरा किया और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का भरोसा दिया।

प्रशासन का कहना है कि इलाके में अब बचे हुए परिवारों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी और उन्हें किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

लैंडफिल के आसपास रहना बना बड़ा खतरा

दार एस सलाम में लंबे समय से कचरा जमा होने के कारण यहां बड़ी मात्रा में कचरे का ढेर बन गया था। इसके आसपास रहने वाले परिवारों के लिए यह इलाका पहले से ही जोखिम वाला माना जाता था।

भारी बारिश ने स्थिति को और गंभीर बना दिया और आखिरकार कचरे का बड़ा हिस्सा खिसकने से यह दर्दनाक हादसा हो गया। फिलहाल बचाव अभियान जारी है और प्रशासन मलबे के नीचे फंसे लोगों की तलाश में जुटा हुआ है।

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